मध्यप्रदेश में 2028 तक ढाई लाख पदों पर भर्ती, 2027 में 50 हजार से अधिक पदों की तैया
मध्यप्रदेश में आने वाले वर्षों में सरकारी भर्तियों का बड़ा अभियान देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2028 तक ढाई लाख नए और रिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा के बाद अब सरकार इसके वित्तीय प्रभाव का आकलन कर रही है।
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| मध्यप्रदेश में 2028 तक ढाई लाख नए और रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी, 2027 में 50 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का लक्ष्य। |
वित्त विभाग ने वर्ष 2027-28 के बजट प्रस्तावों के साथ प्रदेश के सभी विभागों से कर्मचारियों और रिक्त पदों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें संवर्गवार और वर्षवार जानकारी शामिल है, ताकि आने वाले वर्षों में होने वाली भर्ती और उससे सरकार पर पड़ने वाले वेतन व्यय का अनुमान लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2028 तक प्रदेश में ढाई लाख नए और रिक्त पदों पर भर्ती किए जाने की घोषणा की है। इस घोषणा को लागू करने के लिए विभागों के स्तर पर पदों की आवश्यकता और वित्तीय भार का आकलन किया जा रहा है।
सरकार यह देख रही है कि अगले तीन वर्षों में कितने अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे, उनकी जगह कितने नए कर्मचारियों की आवश्यकता होगी और नई नियुक्तियों से वेतन मद में कितना अतिरिक्त खर्च आएगा।
वित्त विभाग ने वर्ष 2027-28 के बजट प्रस्तावों के साथ सभी विभागों से संवर्गवार और वर्षवार जानकारी मांगी है। इस जानकारी के आधार पर सरकार को अगले तीन वर्षों की भर्ती और वेतन संबंधी वित्तीय जरूरतों का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।
विभागों से मुख्य रूप से निम्न जानकारी मांगी जा रही है:
उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2027 में 50 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। कुछ विभागों के भर्ती प्रस्ताव पहले ही संबंधित भर्ती एजेंसियों को भेजे जा चुके हैं।
जिन भर्तियों के प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग अथवा कर्मचारी चयन मंडल को भेजे गए हैं, उनकी आगे की प्रक्रिया संबंधित भर्ती एजेंसी द्वारा जारी नियमों और आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार होगी।
वित्त विभाग कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ आने वाले वर्षों में होने वाले बदलाव का भी आकलन कर रहा है। इसमें नियमित कर्मचारियों के अलावा कार्यभारित, आकस्मिक, संविदा और अनुदान से वेतन पाने वाले कर्मचारियों की जानकारी भी शामिल है।
इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कितने पद खाली होंगे और उनमें से कितने पदों को नई भर्ती के माध्यम से भरा जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही नई नियुक्तियों के कारण सरकार के वेतन और अन्य वित्तीय खर्च में कितनी वृद्धि होगी, इसका अनुमान भी लगाया जा रहा है।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| भर्ती का लक्ष्य | वर्ष 2028 तक करीब ढाई लाख नए और रिक्त पद |
| 2027 की तैयारी | 50 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी |
| जानकारी मांगने वाला विभाग | वित्त विभाग, मध्यप्रदेश |
| मांगी गई जानकारी | संवर्गवार और वर्षवार पदों तथा कर्मचारियों का विवरण |
| मुख्य आधार | सेवानिवृत्ति, रिक्त पद और नई भर्ती की आवश्यकता |
| भर्ती एजेंसियां | राज्य लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन मंडल आदि |
नहीं। ढाई लाख पदों का लक्ष्य वर्ष 2028 तक की अवधि के लिए बताया गया है। अलग-अलग विभागों में पदों की आवश्यकता, रिक्तियों और भर्ती की प्रक्रिया अलग-अलग समय पर सामने आ सकती है।
इसलिए अभ्यर्थियों को प्रत्येक भर्ती के लिए संबंधित विभाग, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग या कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञापन को ही अंतिम आधार मानना चाहिए।
यदि आप मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो आने वाले वर्षों में विभिन्न विभागों में भर्ती के अवसर बढ़ सकते हैं। खास तौर पर जिन विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, वहां रिक्त पदों के आधार पर भर्ती प्रस्ताव तैयार किए जा सकते हैं।
अभ्यर्थियों को अभी से अपनी तैयारी मजबूत रखनी चाहिए और केवल सोशल मीडिया पर वायरल भर्ती संख्या के बजाय आधिकारिक नोटिफिकेशन, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस और पात्रता शर्तों के आधार पर तैयारी करनी चाहिए।
मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 तक ढाई लाख पदों पर भर्ती का लक्ष्य सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल सरकार अगले तीन वर्षों में होने वाली सेवानिवृत्ति, रिक्तियों और नई नियुक्तियों के वित्तीय प्रभाव पड़ेगा
आने वाले समय में विभागवार भर्ती प्रस्ताव सामने आने के साथ यह स्पष्ट होगा कि किस विभाग में कितने पदों पर भर्ती होगी। इसलिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक भर्ती विज्ञापनों का इंतजार करना चाहिए और अपनी परीक्षा तैयारी लगातार जारी रखनी चाहिए।